हो जाओ खुश, सोने के दामों में आएगी अब बड़ी गिरावट, इतने रह जाएंगे दाम

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Gold Rate Down :सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतों में तेखी जा रही है, जिसके चलते आम निवेशकों की चिंताए बढ़ गई है, लेकिन अब सना खरीददारो के लिए अच्छी खबर सामने आई है, जिसके तहत सोने के दामों (

आने वाले समय में सोना खरीदना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं सोने के दामों में कितनी गिरावट आ सकती है।

सोने की कीमतों में रिकॉर्डतोड़ बढ़ौतरी के बाद अब सोने की चमक ने निवेशकों को खूब लुभाया है। अगर आप भी हाल फिलहाल में सोना खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो आने वाले समय में सोना खरीदना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

क्योंकि एक्सपर्ट के मुताबिक आने वाले दिनों में सोने के रेट (Sone Ke Rate)में गिरावट देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं कितने हो जाएंगे 10 ग्राम सोने के भाव।

हर साल कितने बढ़ रहे सोने के भाव

इस समय में बाजार में सोने (Sone Ke Bhav)की चमक जारी है। इससे पहले 3 नवंबर 2022 को जब सोना (Gold Rate) अपने सबसे निचले स्तर पर था, तो उस समय में उसके भाव 1,429 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर था।

अब के आंकड़े देखें तो ये दोगुने से भी ज्यादा होकर 3,287 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। यानी देखा जाए तो हर साल 30 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।

सोने के ताजा भाव

बताया जा रहा है कि इस तेजी (Sone Ke Rate) के पीछे केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और हाल में व्यापारिक जोखिम के चलते ये तेजी आ रही है।

इन सब कारणों के चलते केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी और नवंबर 2022 से अगस्त 2024 के बीच महंगाई में कमी ने नकारात्मक असर को पीछे छोड़ दिया। आज से दो दिन पहले भारतीय बाजार में सोने का भाव (Gold Rate)97,511 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास टिका हुआ था।

क्यों गिर सकते हैं सोने के दाम

एक्सपर्ट का कहना है कि सोने की कीमतों (Gold Rate Updates) में जो रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखी गई है, उसने निवेशकों को थोड़ा डरा दिया है। लोग अब यहीं सोच रहे हैं कि कहीं उन्हें नुकसान न हो जाए। परिषद ने पुराने रुझानों को देखते हुए कहा कि कई खास वजहों से सोने के दाम में कमी आने की संभावना है।
अगर दुनिया भर में भू-राजनीतिक और व्यापारिक माहौल पर रोक लगती है, तो इससे सोने की डिमांड (Gold Demand)में कमी आ सकती है।

इसके साथ ही अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है या ट्रेजरी यील्ड बढ़ता है, तो इससे सोने पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, अगर केंद्रीय बैंक सोना कम खरीदते हैं और आम लोग भी सोने में कम इन्वेस्ट करते हैं तो इससे सोने की कीमतें नीचे आ सकती हैं।

क्या लंबे समय तक रहेगी सोने में गिरावट

परिषद के अनुसार अभी फिलहाल तो सोने (Gold Rate Down) में लंबे समय तक बड़ी गिरावट की आशंका तो कम है, लेकिन अगर मांग में कोई बदलाव आता है, तो सोने की कीमतों (Sone Ki Kimatein) में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।

यानी की अगर बड़े संस्थान और आम निवेशक सोने में इन्वेस्टमेंट कम कर दें, या फिर सोने की सप्लाई अचानक बढ़ जाए, तो इससे सोने के दाम टिकने में मुश्किलात होगी। इस दौरान निवेशकों को यही सलाह दी जा रही है कि इस दौरान निवेशकों को सतर्क रहकर वैश्विक आर्थिक स्थितियों और नीतिगत बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।

क्या करना चाहिए निवेशकों को

परिषद की ये रिपोर्ट के मुताबिक निवेशकों (Gold Investment)को यही सलाह दी जा रही है कि सोने में निवेश के लिए निवेशकों रको सावधान रहने की जरूरत है। निवेशकों को दुनिया की आर्थिक हालत, भू-राजनीतिक माहौल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। हालांकि अगर वैश्विक जोखिम कम होते हैं या अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उछाल आता है तो इससे सोने के दाम (Sone ke Taja Bhav)में उतार-चढ़ाव आ सकता है। ( 14 july gold price )

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